जिले में नाबार्ड की वित्तीय सहायता से 55 करोड़ 64 लाख रूपये से होगा 94 सड़कों का निर्माण व जीर्णोद्धार

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सीकर 22 फरवरी। राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने राज्य सरकार को सीकर जिले मे सड़कों के निर्माण एवं जीर्णोद्दार करने के लिए 44 करोड़ 51 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी है। इस वित्तीय सहायता से सीकर जिले मे 236.53 किलोमीटर लम्बाई की सड़कों का निर्माण एवं जीर्णोद्दार किया जाएगा ताकि ग्रामीण क्षेत्रों मे आम जनता को बेहतर सड़क सुविधाओं का लाभ मिल सकें। इन 94 सड़कों को बनाने के लिए कुल 55 करोड़ 64 लाख रुपये की लागत आएगी जिसमे 44 करोड़ 51 लाख रुपये की वित्तीय सहायता राज्य सरकार को नाबार्ड द्वारा दी गयी है।
नाबार्ड ग्रामीण सड़कों के लिए राज्य सरकारों को कुल लागत का 80 प्रतिशत तक वित्तीय सहायता प्रदान करता हैं। नाबार्ड सहायक महाप्रबंधक व डीडीएम सीकर एम एल मीना ने बताया कि यह वित्तीय सहायता राजस्थान सरकार को नाबार्ड द्वारा रुरल इनफ्रास्ट्रक्चर डेव्लपमेंट फ़ंड (आरआईडीएफ) के अंर्तगत जारी की गयी है। रुरल इनफ्रास्ट्रक्चर डेव्लपमेंट फ़ंड (आरआईडीएफ) के तहत ग्रामीण सड़कों व ग्रामीण पुलों के निर्माण के लिए नार्बाड द्वारा कुल परियोजना लागत की 80 प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है जबकि शेष 20 प्रतिशत राशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जाती हैं। ग्रामीण विकास के लिए राज्य सरकार 39 विभिन्न लाभकारी कार्यों के लिए नाबार्ड से ले सकती हैं वित्तीय सहयोग।
एम एल मीना, सहायक महाप्रबंधक नाबार्ड ने बताया कि रुरल इनफ्रास्ट्रक्चर डेव्लपमेंट फ़ंड (आरआईडीएफ) के अन्तर्गत नाबार्ड द्वारा राज्य सरकारों को कृषि एवं सिंचाई, ग्रामीण सड़कों, सामाजिक सुविधाओं जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सहित विभिन्न 39 लाभकारी गतिविधियों के लिए ग्रामीण विकास कार्यों मे सहयोग प्रदान करता है।
कृषि और संबंधित क्षेत्र के लिए कुल लागत की अधिकतम 95, वित्तीय सहायता  कुल 27 पात्र गतिविधियाँ यथा लघु सिंचाई परियोजनाएं, सूक्ष्म सिंचाई; मृदा संरक्षण; बाढ़ सुरक्षा; वाटरशेड विकास, जलभराव वाले क्षेत्रों का सुधार; ड्रेनेज; वन विकास; मार्केट यार्ड, गोदाम, मंडी, ग्रामीण हाट, मार्केटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर; कोल्ड स्टोरेज, सार्वजनिक संयुक्त क्षेत्र के कोल्ड स्टोरेज बीज, कृषि, बागवानी फार्म वृक्षारोपण और बागवानी; ग्रेडिंग, प्रमाणीकरण तंत्र; परीक्षण, प्रमाणन प्रयोगशालाएं पूरे गांव के लिए सामुदायिक सिंचाई के कुएं; फिशिंग हार्बर, जेट्टी; नदी मत्स्य पालन; पशुपालन, आधुनिक बूचड़खाना; मध्यम सिंचाई परियोजनाएं; लघु जलविद्युत परियोजनाएं, लघु जल विद्युत परियोजनाएं (25 मेगावाट तक), प्रमुख सिंचाई परियोजनाएं (पहले से ही स्वीकृत और निष्पादन के अधीन), ग्राम ज्ञान केंद्र तटीय क्षेत्रों में विलवणीकरण संयंत्र; ग्रामीण क्षेत्रों में सूचना प्रौद्योगिकी के लिए आधारभूत संरचना, ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों से संबंधित अवसंरचना कार्य अर्थात सौर, पवन आदि और ऊर्जा संरक्षण  5/10 मेगावाट सौर फोटो वोल्टाइक विद्युत संयंत्र अलग फीडर लाइनें सर्मपित ग्रामीण औद्योगिक संपदाओं की स्थापना फार्म संचालन और संबंधित सेवाओं का मशीनीकरण सामाजिक क्षेत्र के लिए कुल लागत की अधिकतम 85 वित्तीय सहायता कुल 08 पात्र गतिविधियाँ यथा पीने का पानी,  ग्रामीण शिक्षा संस्थानों के लिए आधारभूत संरचना, सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थान, मौजूदा स्कूलों में विशेष रूप से लड़कियों के लिए शौचालय ब्लॉकों का निर्माण; ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालयों का भुगतान, आंगनबाडी केन्द्रों का निर्माण, केवीआईसी औद्योगिक संपदा, केंद्रों की स्थापना; ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता से संबंधित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और आधारभूत संरचना कार्य किया जाता है।  
उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सरंचना के विकास पर ही कृषि का विकास, कृषि आधारित उद्योगों का विकास तथा उस क्षेत्र का सम्पूर्ण र्आथिक विकास निर्भर है। यह संरचनाएं ही मूलभूत सुविधाएं प्रदान करती है जिससे कि जीवन स्तर में सुधार लाया जा सकता है।
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