PIB Delhi 11 AUG 2021 विभिन्न कृषि और संबद्ध गतिविधियों को करने वाली सहकारी समितियों को बढ़ावा देने, विकसित करने और वित्तपोषण के लिए राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) के माध्यम से कृषि सहयोग पर केंद्रीय क्षेत्र एकीकृत योजना (सीएसआईएसएसी) योजना के तहत सहायता प्रदान की जाती है। इनमें कृषि आदानों की आपूर्ति के अलावा अन्य बातों के साथ-साथ कृषि उपज का विपणन, भंडारण और प्रसंस्करण शामिल है। सावधि ऋण के अलावा राज्य की श्रेणी के आधार पर सहकारी समितियों को 15% से 25% तक की सब्सिडी प्रदान की जाती है। सरकार भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (NAFED) के खरीद कार्यों के लिए गारंटी भी प्रदान करती है।
CSISAC योजना के तहत भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ (NCUI) और राष्ट्रीय सहकारी प्रशिक्षण परिषद (NCCT) के माध्यम से विभिन्न प्रकार की सहकारी समितियों के सदस्य और कर्मचारी किसानों को प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए सहायता प्रदान की जाती है।
किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने के लिए, सरकार “प्रधान मंत्री अन्नदाता आया संरक्षण अभियान” (पीएम-आशा) लागू कर रही है। इस योजना के तहत, कृषि और किसान कल्याण विभाग (डीए एंड एफडब्ल्यू) दलहन, तिलहन और खोपरा की खरीद के लिए मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) लागू करता है। तिलहनों के लिए डीए एंड एफडब्ल्यू मूल्य कमी भुगतान योजना (पीडीपीएस) भी लागू करता है।
कृषि अवसंरचना कोष (एआईएफ) के तहत, प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पीएसीएस), सहकारी समितियों के संघ, एफपीओ, विपणन सहकारी समितियों, अन्य के बीच, फसल कटाई के बाद के प्रबंधन के बुनियादी ढांचे और सामुदायिक कृषि संपत्ति के निर्माण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
सरकार एआईएफ योजना के माध्यम से देश में कृषि अवसंरचना स्थापित करने में सहकारी समितियों, विशेषकर पैक्स के योगदान को बढ़ाने पर जोर दे रही है।
सहकारिता राज्य मंत्री श्री बी.एल.वर्मा ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह बात कही।


