फाइलों में दौड़ता रहा कर्ज माफी के ब्याज का ’पैसा’, हकीकत में ’पीडी खातों’ की शोभा बढ़ता रहा 200 करोड़!
राजस्थान राज्य सहकारी बैंक ने करीब 11 महीने की देरी के बाद ऋण माफी ब्याज के 200.50 करोड़ रुपये जारी करने की प्रक्रिया शुरू की
सहकारिता विभाग और राजस्थान राज्य सहकारी बैंक (RSCB) की कार्यप्रणाली को देखकर लगता है कि यहाँ कैलेंडर और घड़ी, दोनों ही किसी दूसरे ग्रह के हिसाब से चलते हैं।
मामला है ऋण माफी के ब्याज की राशि का, जिसे ’पीडी खाता-पीडी खाता’ खेलने के बाद आखिरकार फरवरी 2026 में याद किया गया।
अब, करीब 11 महीने बाद 11 फरवरी 2026 को राजस्थान राज्य सहकारी बैंक (RSCB) को होश आया है कि उन्हें यह राशि केंद्रीय सहकारी बैंकों को भेजनी है।
13 फरवरी 2026 को बकायदा पत्र लिखकर समस्त प्रबंध निदेशकों को निर्देशित किया जा रहा है कि
भाई साहब, अब जरा बिल जनरेट कर लीजिए और ’यथाचित’ लेखांकन कर लीजिए।